नौ ग्रह और इस क्षण निरयण राशिचक्र में प्रत्येक की स्थिति।
समय: 8 अक्टूबर 2026 को 17:05 बजे
| ग्रह | राशि परंपरागत | अंश गणना | नक्षत्र परंपरागत |
|---|---|---|---|
| सूर्य | कन्या | 20°59′ | हस्त 4 |
| चंद्र | सिंह | 24°17′ | पूर्व फाल्गुनी 4 |
| मंगल | कर्क | 11°46′ | पुष्य 3 |
| बुध | तुला | 15°42′ | स्वाति 3 |
| गुरु | कर्क | 26°39′ | आश्लेषा 3 |
| शुक्र | तुला | 13°43′ | स्वाति 3 |
| शनि | मीन | 16°45′ | रेवती 1 |
| राहु | कुंभ | 3°05′ | धनिष्ठा 3 |
| केतु | सिंह | 3°05′ | मघा 1 |
राहु और केतु पिंड नहीं हैं। ये वे दो बिंदु हैं जहाँ चंद्रमा की कक्षा सूर्य के पथ को काटती है, और इनकी स्थिति गणना से निकाली जाती है।
देशांतर दिखाए गए क्षण के लिए निकाले जाते हैं और फिर लाहिरी अयनांश से निरयण राशिचक्र में व्यक्त किए जाते हैं। राशियों और नक्षत्रों के नाम परंपरागत हैं।